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Graduation Model to Make Practical Report

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Graduation Model to Make Practical Report

आभारोक्ति

मैं सर्वप्रथम बाबा काशी विश्वनाथ को कोटि-कोटि नमन करता हूँ, जिनकी असीम अनुकंपा से मेरा यह सम्पूर्ण कार्य पूर्ण हो सका है |

इस अध्ययन में सहयोग के लिए मैं सर्वप्रथम अपने परमादरणीय गुरुजनों डॉ. वंदना सिंह, डॉ. चंद्रशेखर तथा डॉ. मारकण्डेय सिंह को ह्रदय से धन्यवाद देता हूँ , जिनके अनुभव दिशा निर्देशन तथा उपयुक्त सहयोग से यह कार्य पूर्ण हुआ |

इस कार्य को पूरा करने के लिए मैं अपने मित्रों के साथ ७-८ दिनों तक गावों को पूरा घूमकर कच्चे-पक्के घरों का पूरा सर्वेक्षण किया |

मैं उन ग्रामवासियों तथा खंड विकास अधिकारी एवं सम्बंधित कर्मचारियों को भी धन्यवाद देता हूँ | जिनके सहयोग से हमें इन आँकणों की प्राप्ति हो सकी |

मैं अपने माता-पिता का भी ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूँ , जिनके आर्थिक सहयोग तथा कुशल मार्गदर्शन से यह कार्य पूर्ण हुआ |

मैं अपने परम सहयोगी मित्रगण गोविन्द, दिनेश, विकास एवं टाइप करने वाले सर्वेंद्र नाथ मिश्र जी के प्रति आभारी हूँ , जिन्होंने मुझे किसी भी प्रकार का सहयोग देने में कोई कमी नहीं की |

 

निर्देशक                                                              प्रस्तुतकर्ता

डॉ. विवेक सर                                                   राहुल कुमार पटेल

भूगोल विभाग                                                    बी. ए. तृतीय वर्ष

महादेव पी. जी. कॉलेज

बरियासनपुर वाराणसी

महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ वाराणसी            महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ वाराणसी

विज्ञानं एवं प्रौद्योगिकी विभाग                             विज्ञानं एवं प्रौद्योगिकी विभाग

 

 

क्रम संख्या शीर्षक पृष्ठ संख्या
1 प्रस्तावना 1-2`
2 भौगोलिक पृष्ठभूमि 3-6
(i) नामकरण 3
(ii) स्थिति एवं विस्तार 3
(iii) सीमाएं 4
(iv) उच्चावच्च एवं अपवाह 4
(v) जलवायु दशाएं 5
(vi) मृदा एवं भूमि उपयोग 5
(vii) मृदा संरचना एवं गठन 5
3 जनसँख्या 7-14

 

विषय सूची

(i) जनसँख्या 7
(ii) जनसँख्या वृद्धि 8
(iii) जनसँख्या घनत्व 9
(iv) लिंगानुपात 10-11
(v) साक्षरता 12-13
(vi) आयु संरचना 14
4 व्यावसायिक संरचना 15
5 कार्ड का प्रकार 16
6 गृह प्रकार तथा परिवार में उपलब्ध सुविधाएं 16
7 ग्राम विकास के लिए संचालित योजनाएं 16-17
8 समस्याएं एवं निदान 17-18

 

 


प्रस्तावना

 

क्षेत्रीय अध्ययन भौगोलिक अध्ययन का एक महत्वपूर्ण उपागम है | भूगोल मानव और उसके प्राकृतिक पर्यावरण के पारस्परिक संबंधों का विश्लेषण एवं व्याख्या करता है | परिवर्तन प्रकृति का शाश्वत नियम है | पर्यावरण का प्रत्येक पक्ष परिवर्तनशील है | इस परिवर्तनशील परिवेश से मानव भी अछूता नहीं है | वह अपने निकट के परिवेश से बहुत किछ सीखता है, यदि उसे उस बदलते परिवेश के कारणों को जानने की इच्छा हो | इस प्रकार किसी निश्चित क्षेत्र विशेष के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक आँकणों का संग्रह कर उनको तालिकाबद्ध करना, विश्लेषण, निर्वचन, प्रस्तुतीकरण एवं व्याख्या द्वारा एक भौगोलिक रिपोर्ट तैयार करना क्षेत्रीय अध्ययन कहलाता है | यह क्षेत्रीय अध्ययन एक छोटी बस्ती, पुरवे से लेकर किसी महानगरीय प्रदेश तक का हो सकता है ; जैसे- यातायात का अध्ययन या किसी अधिवास के सामाजिक आर्थिक तथ्यों का अध्ययन | यदि हम किसी अधिवास के सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं का अध्ध्य्यन करें तो अधिवास के एक छोर से दूसरे छोर तक इनमे स्पष्ट रूप से अंतर परिलक्षित होते हैं | ये अंतर कई कारकों के सामूहिक प्रभाव का प्रतिफल होते हैं; जैसे- आर्थिक स्थिति, व्यावसायिक संरचना, भूमि की उत्पादकता, जन-सामान्य की कार्यकुशलता, साक्षरता स्टार, उपलब्ध सेवाएं, सुविधाएं तथा उपभोग क्षमता अदि | इस प्रकार एक अधिवास में ही आवासीय संरचना , मानवीय सुविधाएं, आर्थिक स्थिति, सामाजिक-सांस्कृतिक संरचना, धार्मिक विश्वास, जागरूकता, रहन- सहन के स्तरों में पर्याप्त विभिन्नताएं परिलक्षित होती हैं |

यदि हम उपर्युक्त असमानताओं का कारन जानना चाहते हैं तथा क्षेत्रीय विकास के लिए कुछ सुझाव देना चाहते हैं तो यह क्षेत्रीय अध्ययन के ही माध्यम से ही संभव हो सकता है |

 


 

भौगोलिक पृष्ठभूमि

बरियासनपुर गाँव के भैगोलिक पृष्ठभूमि के अध्ययन के अन्तर्गत निम्नलिखित शीर्षक हैं |

नामकरण

बरियासनपुर गाँव का नाम एक महात्मा के नाम पे पड़ा है | ऐसी मान्यता है की बहुत समय पहले यहाँ के लोगो में महामारी फ़ैल गयी थी, लोगों की अकाल मृत्यु होने लगी उस समय वहां महात्मा जयराम का आगमन हुआ | महात्मा जयराम योगी थे, अतः गाँव वालों के आग्रह से उन्होंने उस महामारी को दूर करने का उपाय बताया और उस सुझाये गए उपाय से महामारी दूर हो गयी | गाँव वालों ने महात्मा जी से उसी गाँव में ही निवास करने का आग्रह किया पर महात्मा नहीं माने | बार-बार आग्रह करने पर उन्होंने अपने नाम को उस गाँव से जोड़ दिया और स्वयं वहां से चले गए तभी से इस गाँव का नाम बरियासनपुर पद गया |

स्थिति एवं विस्तार

बरियासनपुर गाँव वाराणसी जनपद के सदर तहसील के अन्तर्गत सम्मिलित है | यह गाँव वाराणसी जनपद के प्रसिद्द स्थान बरियासनपुर १ किमी पश्चिम गाजीपुर मार्ग पर स्थित है | बरियासनपुर सात गाँव से घिरा हुआ गाँव है |इस गाँव का क्षेत्रफल ३.०२ वर्ग किमी है | बरियासनपुर की उत्तर-दक्षिण दिशा में चौड़ाई १.९ किमी तथा पूर्व-पश्चिम दिशा में चौड़ाई २.९ किमी है |

सीमाएं

बरियासनपुर की सीमा पांच गांवों की की सीमाओं को स्पर्श करती है | इस गाँव के उत्तर दिशा में बराई , उत्तर-पूर्व दिशा में सियो, दक्षिण दिशा में चिरईगांव , पूर्व दिशा में शंकरपुर तथा उत्तर-पश्चिम में खानपुर व पश्चिम दिशा में गाजीपुर मार्ग स्थित है |

उच्चावच्च तथा अपवाह

चुकी वाराणसी मध्य गंगा के मैदान के अन्तर्गत स्थित है और यह भाग मंद ढाल युक्त समतल मैदानी भाग है अतः वाराणसी जनपद की सीमा के अन्तर्गत सम्मिलित होने के कारण बरियासनपुर भी समतल मैदानी भाग वाला क्षेत्र है | इस क्षेत्र की समुद्रतल से ऊंचाई ८० मीटर है | इस गाँव का ढाल पश्चिम से पूर्व की और है |

 

 

जलवायु दशाएं

इस क्षेत्र में मानसूनी जलवायु का प्रभाव है | शीतकाल में यहाँ का तापमान १८ डिग्री से. से काम रहता है तथा ग्रीष्मकाल में तापमान ४० डिग्री से. से अधिक पहुच जाता है | यहाँ सर्वाधिक तापमान जून-जुलाई माह में तथा न्यूनतम तापमान दिसंबर-जनवरी माह में प्राप्त होता है | यहाँ पर वर्षा ग्रीष्मकालीन मानसूनी हवाओं से प्राप्त होती है | यहाँ कभी-कभी वर्षा पश्चिमी विक्षोभ द्वारा शीतकाल में भी प्राप्त होती है | वर्षा का वार्षिक औसत ७५-१०० सेमी तक पाया जाता है |

मृदा एवं भूमि उपयोग

बरियासनपुर की मृदा जलोढ़ प्रकार की है, जो बांगर क्षेत्र के अन्तर्गत सम्मिलित है | इसके अलावा बलुई एवं दोमट मिटटी का भी कुछ अंश पाया जाता है | बरियासनपुर गाँव के भूमि उपयोग की बात की जाय तो यहाँ के कुल क्षेत्रफल के २०.२% भाग पर आबादी का फैलाव है, २.८३% भाग खली पड़ी भूमि है, ६.३% भाग में बैग-बगीचे फैले हैं तथा शेष ७०.६७% भाग पर कृषि की जाती है|

 

 

 

मृदा संरचना एवं गठन-

बढ़ द्वारा निक्षेपण के कारण यहाँ पर मृदा का जमाव हुआ है अतः यहाँ पर जलोढ़ मृदा पायी जाती है | यह मृदा अधिक परिपक़्व होती है , इनका रंग पीला रक्ताभ भूरा होता है | कहीं-कहीं दोमट एवं बलुई मिटटी भी देखने को मिलती है , साथ ही साथ लवणीय एवं क्षारीय प्रफुष्टन के कारण कहीं-कहीं रह के जमाव भी पाए हेट है जिससे ऊसर भूमि का निर्माण होता है |

यदि मृदा गठन पर विचार किया जाय तो जलोढ़ मृदा के कणों का व्यास ०.००२ मिमी भी काम होता है , ये कण अत्यंत सूक्ष्म होते हैं |

 

 

जनसँख्या अध्ययन

बरियासनपुर की जनसँख्या का अध्ययन निम्नलिखित शीर्षकों के अन्तर्गत किया जा सकता है |

जनसँख्या

बरियासनपुर गाँव की जनसँख्या २०११ की जनगणना के अनुसार ५८९० थी, जिसमे २६८० पुरुष व २३१० महिलाएं थी | दिसंबर २०१४  के अध्ययन के अनुसार यहाँ की जनसँख्या ६४५० हो गयी थी , जिसमें २८३९ पुरुष व २६११ महिलाएं सम्मिलित हैं | निम्नलिखित तालिका द्वारा बरियासनपुर गाँव की जनसँख्या का विवरण प्रस्तुत किया गया है-

तालिका .

बरियासनपुर गाँव की जनसँख्या
वर्ष जनसँख्या
2011 5046
2012 5191
2013 5326
2014 5450
2015 6250
2016 6360

 


 

जनसँख्या वृद्धि

बरियासनपुर गाँव की जनसँख्या में वृद्धि की बात की जाय तो पिछले कुछ वर्षों में यहाँ की वृद्धि तो हुई है पर यह घटते क्रम में हुई है जो एक शुभ संकेत है | इस गाँव की जनसँख्या में वृद्धि २०१२ में २.८ %, २०१३ में २.६ % तथा दिसंबर २०१६ में यह घटकर २. १ % हो गयी है | इन आँकणों से यह प्रतीत होता है कि अब यहाँ के लोग जनसँख्या के प्रति जागरूक हो रहे हैं | निचे दी गयी तालिका से इस गाँव की जनसँख्या वृद्धि स्पष्ट की जा रही है –

बरियासनपुर गाँव की जनसँख्या में वृद्धि
वर्ष जनसँख्या वृद्धि(%) प्रति वर्ष व्यक्तियों की संख्या में वृद्धि
2011 5046
2012 5191 2.8 145 व्यक्ति
2013 5326 2.6 135 व्यक्ति
2014 5450 2.3 124 व्यक्ति
2015 6250 2.5 130 व्यक्ति
2016 6340 2.1 140 व्यक्ति

 

 

 

जनसँख्या घनत्व

बरियासनपुर गाँव के जनसँख्या घनत्व में प्रतिवर्ष वृद्धि हो रही है | इस गाँव का क्षेत्रफल ३.०२ वर्ग किमी है | यहाँ २०११ में जनसँख्या घनत्व १६७० व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है | निम्नलिखित तालिका द्वारा बरियासनपुर गाँव का जनसँख्या घनत्व प्रस्तुत किया गया है |

बरियासनपुर : जनसँख्या घनत्व
वर्ष जनसँख्या घनत्व
2011 1670 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
2012 1718 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
2013 1763 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
2014 1804 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
2015 2004 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
2016 2164 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी

 

 

 

लिंगानुपात-

लिंगानुपात को प्रति हजार पुरुषों पर स्त्रियों के संख्या के रूप में व्यक्त किया जाता है | बरियासनपुर गांव का लिंगानुपात २०११ में ९०४ था | सन २०१४ में यहाँ की सम्पूर्ण जनसँख्या ५४५० है जिसमे २८३९ पुरुष तथा २६११ महिलाएं है | २०१४ में यहाँ का लिंगानुपात ९१९ है पिछले कुछ वर्षों में यहाँ स्त्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है जो वृद्धि अभी निम्न स्तर की है | स्त्रियों की संख्या में कमी का एक प्रमुख कारण स्त्री शिशुओं की अधिक मृत्य दर है | पुत्र प्राप्ति की ललक में लोग गर्भस्थ शिशु का लिंग परिक्षण कराकर कन्या भ्रूण हत्या जैसे अपराध को भी बढ़ावा दे रहे हैं जिस कारण जन्म के समय स्त्री-शिशुओं की अपेक्षा पुरुष-शिशुओं की संख्या अधिक पायी जाती है बरियासनपुर गांव में सन २०१४ में ११९ शिशुओं का जन्म हुआ है जिसमे ५४ स्त्री-शिशु तथा ७५ पुरुष-शिशु सम्मिलित हैं | बरियासनपुर गांव का लिंगानुपात निम्नांकित तालिका द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है |

 

 

 

तालिका .

बरियासनपुर गांव का लिंगानुपात
वर्ष पुरुषों की संख्या स्त्रियों की संख्या लिंगानुपात
2011 2650 2396 904
2012 2703 2450 906
2013 2784 2542 913
2014 2839 2611 919
2015 6250 3224
2016 6340 3260

 

उपरोक्त तालिका से यह स्पष्ट हो रहा है कि गांव में स्त्रियों कि स्थिति अभी निम्न स्तर कि है पर स्त्रियों कि संख्या दिन-प्रतिदिन हो रही वृद्धि इस गांव के अच्छे भविष्य की और संकेत कर रही है |

 

 

साक्षरता-

साक्षरता मानव विकास और जीवन की गुणवत्ता का एक महत्वपूर्ण सूचकांक है| साक्षरता कम होने से आर्थिक और सामाजिक विकास में रूकावट आती है |सन २०११ की जनगणना के अनुसार बरियासनपुर गांव में साक्षरता ७१.६५ % थी | जिसमे ८३.१७ % पुरुष तथा ५८.९८ % महिलाएं साक्षर थीं | विगत कुछ बर्षों में यहाँ की साक्षरता दर में काफी वृद्धि हुई है | जो यहाँ के लोगो का शिक्षा के प्रति जागरूकता का प्रतीक है | यदि बरियासनपुर में स्त्री-पुरुष साक्षरता पर विचार किया जय तो इस गांव में स्त्रियां पुरुषों की तुलना में काफी कम साक्षर हैं | परंतु पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ो पर गौर किया जाय तो स्त्रियों की साक्षरता दर में पुरुषों की अपेक्षा तीव्र गति से वृद्धि हो रही है | सन २०१४ के  अध्ययन के अनुसार साक्षरता दर ७३.४३ % हो गयी है | जिसमे ८४.३ % पुरुष तथा ६१.५ % महिलाये साक्षर हैं | साक्षरता दर में इस प्रकार से हो रही वृद्धि इस गांव के अच्छे भविष्य का संकेत है | इस गांव की साक्षरता दर निम्नांकित तालिका द्वारा स्पष्ट की गयी है |

 

 

बरियासनपुर : साक्षरता दर
वर्ष साक्षरता दर (%) महिला साक्षरता(%) पुरुष साक्षरता (%)
2011 71.65 58.98 83.17
2012 71.98 59.6 83.24
2013 72.64 60.1 83.83
2014 73.43 61.5 84.3
2015 82.46 66.3 90.2
2016 83.99 67.4 93.3

तालिका .


 

आयु संरचना-

जनसंख्या की आयु संरचना के अध्ययन से श्रम शक्ति निर्भर जनसंख्या दीर्घायु आदि के बारे में जानकारी प्राप्त होती है आयु संरचना की दृष्टि से जनसंख्या को तीन प्रमुख वर्गों में बांटा गया है-

(i)  किशोरावस्था

(ii)  प्रौढ़ावस्था

(iii) वृद्धावस्था

जिसमें प्रौढ़ वर्ग को कार्यशील जनसंख्या के नाम से भी जाना जाता है बरियासनपुर गांव की आई हूं संरचना दिसंबर 2014 के अनुसार निन्न लिखित रुप से हैं-

 

तालिका  1.6

 

किशोरावस्था(  0 से 14 वर्ष) 1339 बच्चे
प्रौढ़ावस्था(  15  से  59 वर्ष ) 2604 लोग
वृद्धावस्था (60 से अधिक) 1507 लोग

 


 

व्यवसायिक संरचना-

 

दिसंबर 2014 में बरियासनपुर गांव के समस्त कार्यशील जनसंख्या का 74.7 प्रतिशत भाग प्राथमिक व्यवसाय में 13.4 प्रतिशत भाग द्वितीय व्यवसाय में तथा शेष 11.9 प्रतिशत तृतीयक व्यवसाय में कार्यरत है| प्राथमिक व्यवसाय में कार्यरत लोगों में 89.3 % लोग किसान तथा शेष 20.7 % लोग खेतिहर मजदूर हैं|  गांव में महिलाओं का रुझान प्राथमिक व्यवसाय की ओर अधिक है,  यहां संपूर्ण महिला कार्यशील जनसंख्या का 84.2 % भाग प्राथमिक व्यवसाय में तथा 15.5% भाग द्वितीयक व्यवसाय में कार्यरत हैं | तृतीयक व्यवसाय में यहां की महिलाओं का कोई योगदान नहीं है|

 

राशन कार्ड का प्रकार-

 

2014 के अध्ययन के अनुसार बरियासनपुर में कौन 795 परिवार है|  जिसमें 630 परिवार एपीएल कार्ड धारक ,  परिवार  BPL कार्डधारक तथा 70 परिवार अंत्योदय कार्डधारक है,  जिसमें APL कार्ड पर 3986  लोग ,  bpl कार्ड पर 897  लोग तथा शेष 567 लोग अंत्योदय कार्ड पर आश्रित है|

 


 

गृह का प्रकार तथा परिवार में उपलब्ध सुविधाएं –

 

बरियासनपुर में गृह की बात की जाए तो यहां पर दो प्रकार के गृह दृष्टिगत होते हैं| (I)  पक्का गृह (II) कच्चा गृह

 

इस गांव में  79.6 प्रतिशत गृह पक्के हैं तथा शेष 20.4 प्रतिशत गृह कच्चे हैं|  उन लोगों के पास है जो आर्थिक रुप से बहुत कमजोर है, यहां  कुछ लोगों को इंदिरा आवास योजना के तहत पक्की आवास उपलब्ध कराए गए हैं|

 

परिवार में उपलब्ध सुविधाओं में Lpg, बिजली,  पानी , शौचालय आदि  सम्मिलित है|  इस गांव के 74 प्रतिशत घरों में शौचालय बनवाए गए हैं,  यहां 91 प्रतिशत घरों में lpg प्रयोग की जाती है,  यहां 69 प्रतिशत घरों में बिजली के कनेक्शन उपलब्ध  है|

 

ग्रामीण विकास के लिए संचालित योजनाएं-

 

सरकार द्वारा ग्राम विकास के लिए निम्नलिखित योजनाएं संचालित की जा रही है-

 

(I) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना,

(II) खेतिहर मजदूर बीमा योजना,

(III)  इंदिरा आवास योजना,

(IV) महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना,

(V)  राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन,

 

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